Monday, 26 August 2013

दर्द भरी सायरी


वो पानी की लहरों पे क्या लिख रहा था,
 खुदा जाने हरफ-ऐ-दुआ लिख रहा था,
महोब्बत में नफरत मिली थी उसे भी,
 जो हर शकस को बेवफा लिख रहा था.. ...

Friday, 16 August 2013

आरज़ू शायरी





वो हमारे नहीं तो क्या गम है,
हम तो उन्हीं के है ये क्या कम है,
ना गम कम है ना आँसू कम हैं,
देखते है रूलाने वाले में कितना दम है.. ...

Saturday, 10 August 2013

दर्द भरे शेर


वक्त बदल जाता है इंसान बदल जाते हैं,
वक्त वक्त पे रिश्तो के अंदाज बदल जाते हैं,
कभी कह दिया अपना तो कभी कर दिया पराया,
दिन और रात की तरह जिन्दगी के ऐहसास बदल जाते है.. ...